सोयाबीन के फायदे और नुकसान!

सोयाबीन के फायदे – एक बड़ी आबादी खासकर शाकाहारियों का मानना ​​है कि सोयाबीन प्रोटीन का एक बेहतरीन और संपूर्ण स्रोत है। पुरुषों की धारणा के अनुसार, सोयाबीन उनके शरीर प्रणालियों में इस्ट्रोजन हार्मोन को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।

वे यह भी मानते हैं कि इस्ट्रोजन में वृद्धि से उनमें गाइनेकोमास्टिया हो सकता है जिसका अर्थ है पुरुष स्तन ऊतक (tissue) के आकार में वृद्धि।

पहले मैं आपके लिए संपूर्ण प्रोटीन परिभाषित करती हूँ। विस्तृत जानकारी के लिए आप मेरा ब्लॉग “प्रोटीन और अमीनो एसिड का महत्व” भी देख सकते हैं। पहले, मैंने अपने लेख में उल्लेख किया था कि अमीनो एसिड प्रोटीन की सबसे छोटी इकाइयाँ हैं।

वे मांसपेशियों या अन्य अंगों के निर्माण खंड हैं। हम ज्यादातर 20 अमीनो एसिड पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिनमें से 9 आवश्यक (एसेंशियल) हैं, 9 गैर- आवश्यक (नॉन – एसेंशियल) हैं और 2 सशर्त (कंडीशनल) हैं।

अगर आप यही ब्लॉग अंग्रेजी भाषा में पढ़ना चाहते हैं तो दिए गए लिंक पर क्लिक करें  Soybean Benefits & Drawbacks!

सोयाबीन के फायदे और नुकसान! - Soybean Benefits or Drawbacks

अमीनो एसिड का परिचय (Introduction to Amino acids)

मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण, मानव शरीर की संरचना के निर्माण, गैर-आवश्यक अमीनो एसिड के संश्लेषण आदि के लिए आवश्यक अमीनो एसिड अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पूर्ण प्रोटीन भोजन उन वस्तुओं को संदर्भित करता है जिनमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड (हिस्टिडीन, आइसोल्यूसीन, ल्यूसीन, लाइसिन, मेथियोनीन , फिनाइलएलेनिन, थ्रेओनीन, ट्रिप्टोफैन और वेलिन) होते हैं।

9 गैर-आवश्यक अमीनो एसिड (ऐलेनिन, एस्पेरेजिन, एसपारटिक एसिड, सिस्टीन, ग्लूटामिक एसिड, ग्लाइसिन, प्रोलीन, सेरीन और टायरोसिन) हैं। हमारा शरीर इनका उत्पादन कर सकता है इसलिए हमें इन्हें अपने आहार में शामिल करने की आवश्यकता नहीं है।

अंत में, हमारे पास सशर्त अमीनो एसिड (ग्लूटामीन और आर्जिनिन) हैं जो हमारा शरीर बना सकता है। लेकिन हमें इन्हें कुछ स्थितियों में अपने आहार में शामिल करने की आवश्यकता पड़ जाती है।

सोयाबीन से जुड़े मिथक (Bursting Soybean Myths)

इस ब्लॉग में, मैं 9 आवश्यक अमीनो एसिड के बारे में बात करुँगी क्योंकि वे मांसपेशियों के निर्माण के लिए बहुत आवश्यक हैं। और फिटनेस इंडस्ट्री में प्रोटीन के सेवन का मकसद मसल्स बनाना रहता है।

आजकल शाकाहारी लोग अपने शरीर की प्रोटीन की मांग को पूरा करने के लिए सोयाबीन खाते हैं। और गाइनेकोमास्टिया की संभावित घटना के कारण पुरुष कम मात्रा में सोयाबीन का सेवन करते हैं।

तो, यह ब्लॉग 2 कथनों के इर्द-गिर्द घूमेगा। पहला, क्या सोयाबीन एक संपूर्ण प्रोटीन उत्पाद है? दूसरा, क्या यह पुरुषों में गाइनेकोमास्टिया का कारण बन सकता है?

मैं इस कथन को दोहराऊंगी कि किसी भी भोजन को पूर्ण प्रोटीन प्रोफाइल भोजन तब कहा जाता है जब उसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। क्यूंकि ये हमारे शरीर द्वारा नहीं बनते और हमें इन्हें अपने आहार में ज़रूर शामिल करना चाहिए।

सोयाबीन के फायदे के पीछे भाई-भतीजावाद (Nepotism Behind Soybean Benefits) :

फिटनेस उद्योग में अधिकांश लोग सोयाबीन को संपूर्ण प्रोटीन भोजन के रूप में बढ़ावा देते हैं। लेकिन इसमें पूर्ण प्रोटीन प्रोफाइल नहीं है क्योंकि मेथियोनीन नामक एक आवश्यक अमीनो एसिड की इसमें कमी रहती है। इसके अलावा, इसमें आवश्यक अमीनो एसिड की क्षमता उतनी नहीं होती कि वे मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण का समर्थन कर सकें।

लोग सोयाबीन को “हीरो” क्यों मानते हैं? “भाई-भतीजावाद” की वजह से! यहां भाई-भतीजावाद का सीधा मतलब है कि सोयाबीन को जबरन पूर्ण प्रोटीन घोषित कर दिया गया है। मैं इसे एक उदाहरण के साथ समझाती हूँ।

यदि कोई सेलिब्रिटी अपने बच्चे या प्रियजनों को बॉलीवुड में पेश करना चाहता है, तो वह अपने प्रियजनों को लॉन्च करने के लिए अपनी शक्ति, धन और संपर्कों का अनैतिक रूप से उपयोग करेगा।

सोयाबीन – “एक नकद फसल” (Soybean – A Cash Crop)

इसी तरह, सोयाबीन एक नकदी फसल है और यह दुनिया में अरबों डॉलर का उत्पाद है। आपको जल्द ही पता चल जाएगा कि सोयाबीन का केवल एक ही फायदा है और वह है मनी मिंटिंग यानि पैसे कमाना। संयुक्त राज्य अमेरिका सोयाबीन का प्रमुख उत्पादक है जिसके कारण इसे एक स्वस्थ उत्पाद के रूप में पेश किया जाता है।

इसे पूर्ण प्रोटीन भोजन के रूप में चिह्नित करने के लिए फंडेड रिसर्चेस यानि शोध किए गए। उस शोध का नाम पीडीसीएए का प्रोटीन पाचनशक्ति सुधारात्मक एमिनो एसिड स्कोर था। यह मनुष्यों की अमीनो एसिड आवश्यकताओं और इसे पचाने की उनकी क्षमता दोनों के आधार पर एक प्रोटीन की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने की एक विधि है।

यदि आप शोध को पढ़ेंगे तो पाएंगे कि सभी प्रोटीन खाद्य पदार्थ जैसे चिकन, अंडा, दूध आदि को नंबर एक पर रखा गया और सोयाबीन, जो पौधा आधारित उत्पाद है, उसे भी नंबर एक स्थान दिया गया। इसका मतलब है कि सोयाबीन, जो एक पौधा-आधारित उत्पाद है, उसे पशु-आधारित खाद्य उत्पादों के बराबर रखा गया जो संभव नहीं है।

प्रोटीन के विभिन्न वर्गों का अंदाजा लगाने के लिए मेरा ब्लॉग “प्रोटीन और अमीनो एसिड का महत्व” पढ़ें।

कमियां (Drawbacks):

पौधे आधारित खाद्य उत्पाद द्वितीय श्रेणी के प्रोटीन के अंतर्गत आते हैं क्योंकि वे ऊतकों के निर्माण के लिए ज़रूरी 9 आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान नहीं करते हैं। पशु आधारित खाद्य उत्पाद प्रथम श्रेणी के प्रोटीन के अंतर्गत आते हैं क्योंकि वे ऊतकों के निर्माण के लिए ज़रूरी 9 आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करते हैं।

क्या यह कहना उचित है कि सोयाबीन एक अंडे के बराबर है, जब उसका वर्ग पूरी तरह से अलग है? मैं आपसे अनुरोध करूंगी कि आप अपनी ओर से कुछ शोध करें और फिर निष्कर्ष निकालें।

दूसरी ओर, पशु-आधारित उत्पादों की तुलना में इसका जैविक मूल्य बहुत कम है। इसलिए, सोयाबीन संपूर्ण प्रोटीन खाद्य स्रोतों जैसे अंडा, चिकन, पनीर आदि के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली नहीं है।

आप इसे बाजार में एक संपूर्ण प्रोटीन खाद्य स्रोत होने का दावा करते पाएंगे, विशेष रूप से सोया आइसोलेट प्रोटीन पाउडर। लेकिन मैं आपको बता दूँ कि इसे पूरी तरह से प्रोटीन प्रोफाइल देने के लिए इसमें कृत्रिम रूप से मेथियोनीन मिलाया जाता है। आप यह समझने में काफी समझदार हैं कि एक कृत्रिम खाद्य स्रोत किसी प्राकृतिक उत्पाद के सामने खड़ा नहीं हो सकता।

सोयाबीन और गाइनेकोमास्टिया (Soybean and GYNECOMASTIA)

सोयाबीन और गाइनेकोमास्टिया (Soybean and GYNECOMASTIA)

अब गाइनेकोमास्टिया आता है! कंपाउंड फाइटोईस्ट्रोजन गाइनेकोमास्टिया पैदा करने के लिए जिम्मेदार है। लेकिन सोयाबीन में यह कंपाउंड इस तरह की समस्या पैदा करने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली नहीं है।

दरअसल, सोयाबीन में एंटीन्यूट्रिएंट्स हैं जो प्राकृतिक या सिंथेटिक कंपाउंड होते हैं और वे पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकते हैं। वे विषाक्त पदार्थों के रूप में कार्य करते हैं, हमारे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालकर शरीर के कई कार्यों में बाधा भी उत्पन्न करते हैं।

एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि पौधे अपनी सुरक्षा के लिए एंटीन्यूट्रिएंट्स बनाते हैं। गोइट्रोजन्स, ऑक्जेलोएसिटेट, सैपोनिन आदि कुछ ऐसे उदाहरण हैं जो प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक आदि के कुअवशोषण के लिए जिम्मेदार हैं। ये थायरॉयड ग्रंथि के अनुचित कामकाज को भी जन्म देते हैं।

क्या आपने देखा है कि लोग सोयाबीन खाते तो प्रोटीन प्राप्त करने के लिए हैं, लेकिन इसके विपरीत, सोयाबीन में जो एंटीन्यूट्रिएंट्स हैं वे प्रोटीन का संश्लेषण ही नहीं होने देते! अधूरा ज्ञान हमेशा खतरनाक होता है। यह कथन पुरे तरीके से सत्य है।

अब आप यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि सोयाबीन पूर्ण प्रोटीन नहीं है। वास्तव में, इसमें हानिकारक एंटीन्यूट्रिएंट्स होते हैं। अपने स्वाद को तृप्त करने के लिए आप कभी-कभी सोयाबीन खा सकते हैं। लेकिन याद रखिये कि “सोयाबीन लाभ” जैसे शब्द है ही नहीं!

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डि‍सक्‍लेमर: यह लेख या ब्लॉग वेबसाइट और पब्लिक डोमेन से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाया गया है, मै अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं कर सकती हूँ ! यहाँ मैने अपने विचार प्रकट करने की एक कोशिश की है !

FAQ

सोयाबीन के फायदे और नुकसान ?

सोयाबीन के फायदे तो नहीं हैं लेकिन नुकसान बहुत सारे हैं ! सोयाबीन में एंटीन्यूट्रिएंट्स हैं जो पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकते हैं। गोइट्रोजन्स, ऑक्जेलोएसिटेट, सैपोनिन आदि कुछ ऐसे उदाहरण हैं जो प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, जिंक आदि के कुअवशोषण के लिए जिम्मेदार हैं। ये थायरॉयड ग्रंथि के अनुचित कामकाज को भी जन्म देते हैं। और अधिक जानिये

सोयाबीन में प्रोटीन की मात्रा कितनी होती है ?

सोयाबीन कार्बोहाइड्रेट का उच्च स्त्रोत है। सोयाबीन में एंटीन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो प्रोटीन के अवशोषण को रोकते हैं। इसमें पूरी प्रोटीन प्रोफाइल भी नहीं होती जो हमारे शरीर के लिए ज़रूरी है। और अधिक जानिये

अमीनो एसिड क्या होता है ?

जब भी आप प्रोटीन का स्त्रोत खाते हैं जैसे कि अंडा, चिकेन और पनीर, तो हमारे शरीर के अंदर प्रोटीन के कॉम्प्लेक्स यूनिट्स टूट कर छोटी यूनिट्स में परिवर्तित हो जाते हैं। इन छोटी इकाइयों को “अमीनो एसिड” के रूप में जाना जाता है। क्योंकि यह वह रूप है जिसका उपयोग शरीर अपने कामकाज के लिए करेगा। और अधिक जानिये

आवश्यक और गैर आवश्यक अमीनो एसिड क्या हैं ?

मूल रूप से 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं (हिस्टिडीन, आइसोल्यूसीन, ल्यूसीन, लाइसिन, मेथियोनीन , फिनाइलएलेनिन, थ्रेओनीन, ट्रिप्टोफैन और वेलिन) जो मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण, मानव शरीर की संरचना के निर्माण, गैर-आवश्यक अमीनो एसिड के संश्लेषण आदि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पूर्ण प्रोटीन भोजन उन वस्तुओं को संदर्भित करता है जिनमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। जो हमारा शरीर नहीं बना सकता है इसलिए आपको इन्हें अपने आहार से अवश्य प्राप्त करना चाहिए। हमारा शरीर 9 गैर – आवश्यक अमीनो एसिड बनाता है। इसलिए आपको उन्हें अपने आहार से प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है (ऐलेनिन, एस्पेरेजिन, एसपारटिक एसिड, सिस्टीन, ग्लूटामिक एसिड, ग्लाइसिन, प्रोलीन, सेरीन और टायरोसिन) । और अधिक जानिये

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